मेरे ब्लॉग के किसी भी लेख को कहीं भी इस्तमाल करने से पहले मुझ से पूछना जरुरी हैं

मेरे ब्लॉग के किसी भी लेख को कहीं भी इस्तमाल करने से पहले मुझ से पूछना जरुरी हैं

August 09, 2009

भारतीये नक्शे मे गलती को गूगल ने माना .

गूगल ने सम्भव है अपने व्यवसायिक हितों के लिए ही सही अपने गूगल-मैप में भारतीय भूभाग को चीन का हिस्सा दिखाना शुरू कर दिया है। कल संजय बेंगाणी ने अपनी पोस्ट
पर गूगल मैप को ग़लत बताया था और बहुत से ब्लॉगर ने इस पर अपनी आपति तुंरत दर्ज कराई थी { मैने भी !} आज हिन्दी के पेपर राष्ट्रिये सहारा मे और इंग्लिश के टाइम्स ऑफ़ इंडिया मे गूगल का गलती मानना पढ़ कर अच्छा लगा ।
आपति दर्ज करना जरुरी होता हैं । कुछ हिन्दी ब्लॉगर आपत्ति दर्ज कराने वालो को "आपत्तिजनक " मानते हैं कोई बात नहीं कुछ और समय बाद वो ख़ुद समझ जायेगे की ब्लोगिंग का सही अर्थ हैं ग़लत के खिलाफ अपनी आवाज को दूसरो तक पहुचना ।
ब्लोगिंग एक ऐसा मंच हैं जहाँ आप जो ग़लत लगे उसको लिख कर अपने साथ खडे हो सकने वाले लोगो का साथ ढूंड सकते हैं । और कोई साथ खड़ा हो ना हो "संजय " की तरह अपना विरोध दर्ज कराने मे कोई उज्र नहीं होना चाहियेजो ग़लत हैं उसका विरोध होना ही चाहिये
हर विरोध अपने अन्दर एक आग लिये होता हैं और अमूनन विरोध करने वाले बहुत भावुक होते हैं ।
ब्लोगिंग केवल साहित्य रचने का या हँसी मखोल का ही साधन नहीं नहीं हैं { वो करते रहे जिन्हे करना हैं कोई आपत्ति नहीं हैं !!!!! }

संजय की पोस्ट पर जा कर निरंतर आपत्ति दर्ज कराते रहे । सिलसिला रुकने ना दे ।
संजय बेंगाणी के द्वारा प्रविष्ट


August 07, 2009

ब्लॉग पर चुहल करने वाले पढ़ ले क्या पता कब वकील की जरुरत पड़ जाए

हँसी मजाक और ठिठोली
तब तक ही भली
जब तक दूसरे ने सह ली
ना सही तो २०० करोड़ की
हँसी ठिठोली करने वाले को पडी

ईमेल क्यूँ भेजे ,? ब्लॉग पर संवाद क्यूँ नहीं ?

मै अगर किसी से व्यक्तिगत सम्बन्ध नहीं बनाना चाहती तो उसको मेल नहीं भेजती , अगर उसकी ब्लॉग पोस्ट पर कुछ ऐसा देखती हूँ जो पसंद नहीं हैं वही कमेन्ट देती हूँ , कमेन्ट मोदेराते होने की स्थिति मे अपने ब्लॉग पर पोस्ट देती हूँ । लोग कहते हैं , लिखते हैं अपनी आपति मेल करनी चाहिये , क्यों भाई क्यों मेल करनी चाहिये । ब्लोगिंग कर रहे हैं ब्लॉग पर ही संवाद करे तो इसमे कष्ट क्यों ।
जिन से व्यक्तिगत संपर्क हैं उनको ईमेल भेज सकना सही लगता हैं पर सबको नहीं ॥

August 05, 2009

इस पोस्ट को पढ़ कर मुझे लगा की यहाँ कई ब्लोग्गर्स की निजता को भंग किया गया हैं

सब जगह यही रिश्ते रिसते

इस पोस्ट को पढ़ कर मुझे लगा की यहाँ कई ब्लोग्गर्स की निजता को भंग किया गया हैं और उनके निज के संबंधो की जानकारी को ब्लॉग पोस्ट बना कर उन संबंधो की मर्यादा को भंग किया गया हैं । आप भी पढे और देखे शायद आप मेरे विचार से सहमत हो , शायद नहीं भी हो लेकिन एक बार सोचे जरुर की अगर आप की निज की जिन्दगी को भी इसी प्रकार से पोस्ट बना कर ब्लॉग पर डाला जाए तो आप को कैसा महसूस होगा

इस ब्लॉग पोस्ट पर कमेन्ट की सुविधा नहीं हैं आप अपना कमेन्ट सब जगह यही रिश्ते रिसते पर ही दे