मेरे ब्लॉग के किसी भी लेख को कहीं भी इस्तमाल करने से पहले मुझ से पूछना जरुरी हैं

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October 27, 2011

बिजली संकट गहराया - चेतिये

हम बिजली की कमी के भारी संकट की तरफ बढ़ रहे हैं ।
पता नहीं आप में से कितने लोग जानते हैं की बिजली बनाने के लिये जो कोयला उपयोग में आता हैं इस समय केवल एक सप्ताह भर के लिये जितना कोयला लगता हैं उतना ही मौजूद हैं ।

आगे क्या होगा पता नहीं ??

October 26, 2011

जरुरी सूचना

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गूगल बज़ को गूगल रिटायर कर रहा हैं
ज्यादा जानकारी यहाँ हैं

Google Buzz is going away, but your posts are yours to keep

In a few weeks we'll be retiring Google Buzz. At that time you won't be able to create any new posts, but your existing content will remain accessible in two ways:

You can view it on your Google Profile
You can download it using Google Takeout

Thank you for using Google Buzz.
http://mail.google.com/support/bin/answer.py?hl=en-GB&ctx=mail&answer=1698228



सभी को दीवाली की शुभकामनाये
सबके मन के अंधरे दूर हो और
मेरा देश हमेशा आगे बड़े और हम उसकी स्वतंत्रता के लिये अपनी जान न्योछावर करने को तैयार रहे ।
हमारे हर फौजी के हर दिवाली के दिये की रौशनी इतनी तेज हो की दुश्मन की आंखे चौधिया जाए

जय श्री राम
वन्दे मातरम

जय हिंद

October 22, 2011

क्या क़ोई ये भ्रम दूर कर सकता हैं ?? सेवा - कर्त्तव्य

क़ोई भी जो अपने बुजुर्ग माँ -पिता के साथ रहता हैं और उनके काम करता हैं उसको सेवा क्यूँ कहा जाता हैं ?? कर्त्तव्य क्यूँ नहीं ?

सेवा करना तो तब होता अगर आप किसी अनजान व्यक्ति जिसने आप के लिये कभी कुछ ना किया हो करते , माँ - पिता के लिये तो कर्त्तव्य या ड्यूटी मात्र हैं ।

माँ - पिता जब बच्चो को बड़ा करते हैं तो अगर वो कर्त्तव्य हैं तो बच्चे जब माँ - पिता के लिये कुछ करते हैं तो वो सेवा क्यूँ

क्या क़ोई ये भ्रम दूर कर सकता हैं ??

October 19, 2011

सुरेश चिपलूनकर जी कहां हो , क्यूँ निस्पक्ष होकर इस समय कुछ नहीं लिखा ?

सुरेश चिपलूनकर जी और वो सब भारतीये संस्कृति के उपसाक जो हर बात में नयी पीढ़ी की मोरल मोलिसिंग करते हैं ख़ास कर महिला की बिलकुल इग्नोर कर गए एक खबर को क्यूँ ??

ठाकरे परिवार के जलसे में मुन्नी बदनाम , जलेबी बाई और शीला की जवानी पर ठुमके लगते रहे और बाबा साहिब ठाकरे की पोते श्री मज़े लेते रहे ।

बाद में उद्धव ठाकरे जी ने कहा भाई नयी पीढ़ी हैं और पार्टी के पी आर ओ कहने लगे मीडिया वो सब देखे जो पार्टी महाराष्ट्र के उत्थान के लिये करती हैं ये प्रोग्राम तो छोटा सा था ।

पोते श्री ने कुछ जवान होने जैसा जुमला दिया ।

कहा हैं वो भारतीये संस्कार जिनकी दुहाई दे कर अमिताभ और सचिन को हडकाया जाता रहा ??
कहां हैं वो भारतीये संस्कार जो महिला के साड़ी ना पहनने पर उसको रंडी तक का तमगा दिया जाता रहा ?

कहा सो गया सारा जमीर ठाकरे परिवार का , अरे और कुछ नहीं तो कम से कम अपने पोते के खिलाफ ही मीडिया में ब्यान देते ।
दूसरो के माँ बाप क्या संस्कार देते हैं ये तो हमेशा सुना दिया जाता हैं पर ये कट्टर हिन्दू परिवार अपनी आने वाली पीढ़ी को क्या संस्कार दिये हैं ।

और वो सब हिन्दू वादी ब्लॉगर क्यूँ मौन धारण किये हैं इस मुद्दे पर , क्यूँ निस्पक्ष होकर इस समय किसी ने कुछ नहीं लिखा ?