सच बोलना जितना मुश्किल है , सच को स्वीकारना उस से भी ज्यादा मुश्किल है .
लेकिन सच ही शाश्वत है और रहेगा
मुझे अपने सच पर उतना ही अभिमान है जितना किसी को अपने झूठ से होने वाले फायदे पर होता हैं
मेरे ब्लॉग के किसी भी लेख को कहीं भी इस्तमाल करने से पहले मुझ से पूछना जरुरी हैं
मुझे भी कुश पर पूरा डाउट था कि वो ही ऐसा कर सकता है.
ReplyDeleteमुश्किल ही होता है पहचानना ... इतनी कलाकारी के बाद।
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