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मेरे ब्लॉग के किसी भी लेख को कहीं भी इस्तमाल करने से पहले मुझ से पूछना जरुरी हैं

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February 20, 2012

शिवरात्रि देवो के देव महादेव - स्तुति






नमामिशमीशान निर्वाण रूपं।
विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं।।
निजं निर्गुणं निर्किल्पं निरीहं।
चिदाकाशमाकाशवासं भजेहं।।
निराकारमोंकारमूलं तुरीयं।
गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशं।।
करालं महाकाल कालं कृपालं।
गुणागार संसारपारं नतोहं।।
तुषाराद्रि संकाश गौरं गंभीरं।
मनोभूत कोटि प्रभा श्री शरीरं।।


द्वादशज्योतिर्लिंगस्तोत्रम्
सौराष्ट्रदेशे विशदेऽतिरम्ये ज्योतिर्मयं चन्द्रकलावतंसम्।
भक्तिप्रदानाय कृपावतीर्णं तं सोमनाथं शरणं प्रपद्ये।।1।।

श्रीशैलशृंगे विबुधातिसंगे तुलाद्रितुंगेऽपि मुदा वसन्तम्।
तमर्जुनं मल्लिकपूर्वमेकं नमामि संसारसमुद्रसेतुम्।।2।।

अवन्तिकायां विहितावतारं मुक्तिप्रदानाय च सज्जनानाम्।
अकालमृत्यो: परिरक्षणार्थं वन्दे महाकालमहासुरेशम्।।3।।

कावेरिकानर्मदयो: पवित्रे समागमे सज्जनतारणाय।
सदैव मान्धातृपुरे वसन्तमोंकारमीशं शिवमेकमीडे।।4।।

पूर्वोत्तरे प्रज्वलिकानिधाने सदा वसन्तं गिरिजासमेतम्।
सुरासुराराधितपादपद्मं श्रीवैद्यनाथं तमहं नमामि।।5।।

याम्ये सदंगे नगरेतिऽरम्ये विभूषितांगम् विविधैश्च भोगै:।
सद्भक्तिमुक्तिप्रदमीशमेकं श्रीनागनाथं शरणं प्रपद्ये।।6।।

महाद्रिपार्श्वे च तटे रमन्तं सम्पूज्यमानं सततं मुनीन्द्रैः।
सुरासुरैर्यक्षमहोरगाद्यै: केदारमीशं शिवमेकमीडे।।7।।

सह्याद्रिशीर्षे विमले वसन्तं गोदावरीतीरपवित्रदेशे।
यद्दर्शनात् पातकमाशु नाशं प्रयाति तं त्रयम्बकमीशमीडे।।8।।

सुताम्रपर्णीजलराशियोगे निबध्य सेतुं विशिखैरसंख्यै:।
श्रीरामचन्द्रेण समर्पितं तं रामेश्वराख्यं नियतं नमामि।।9।।

यं डाकिनीशाकिनिकासमाजे निषेव्यमाणं पिशिताशनैश्च।
सदैव भीमादिपदप्रसिद्धं तं शंकरं भक्तहितं नमामि।।10।।

सानन्दमानन्दवने वसन्तमानन्दकन्दं हतपापवृन्दम्।
वाराणसीनाथमनाथनाथं श्रीविश्वनाथं शरणं प्रपद्ये।।11।।

लापुरे रम्यविशालकेऽस्मिन् समुल्लसन्तं च जगद्वरेण्यम्।
वन्दे महोदारतरं स्वभावं घृष्णेश्वराख्यं शरणं प्रपद्ये॥ 12॥

ज्योतिर्मयद्वादशलिंगकानां शिवात्मनां प्रोक्तमिदं क्रमेण।
स्तोत्रं पठित्वा मनुजोऽतिभक्त्या फलं तदालोक्य निजं भजेच्च॥ 13॥
साभार


सभी को शिवरात्रि की बधाई । जिस धर्म के रक्षक के
गले
में सर्प हो , मस्तक पर गंगा ,
हाथ में त्रिशूल
आसन
हो सिंह का
और
वाहन हो बैल का
उस
धर्म को नष्ट करने का सोचने वाले फिर सोचे
हिन्दू सहन शील हैं रहेगा पर कमजोर और डरपोक , अरे ये भ्रम ना पाले


ॐ हर हर महादेव

February 13, 2012

" बी माई वैलेंटाईन " कहने से पहले ज़रा रुके वरना कहीं हंसी के पात्र ना बन जाए आप

वैलेंटाईन डे


क्या आप जानते हैं की जिस साल फरवरी में २९ दिन होते हैं उस साल " बी माई वैलेंटाईन " का आवाहन पुरुष नहीं स्त्री करती हैं
हर चार साल में एक बार स्त्री को अवसर होता हैं अपने प्यार का इजहार करने के लिये उस व्यक्ति से जिस को वो बी माई वैलेंटाईन कहना चाहती हो

बसंत प्रेम का पर्व हैं और भारत में मनाया जाता हैं






February 10, 2012

हाँ नहीं तो

आज एक हिंदी ब्लॉग पढ़ कर पता चला की अगर हम कहीं ये लिखते हैं की " अभिन्न मित्र ने कहा " तो उसका अर्थ होता हैं की जिसके बारे में लिखा गया हैं वो जिसने लिखा हैं उसकी अभिन्न मित्र नहीं हैं ।

कमाल हैं लोग कितनी आसानी से अपनी मित्रताओ को नकार देते हैं
जब मन हुआ मित्र बन गए । जब मन हुआ कह दिया ऐसी तो क़ोई मित्रता थी ही नहीं ।

जब मै लिखती थी की ब्लॉग पर मित्र इत्यादि नहीं लिखना चाहिये तब जो लोग परिवार की दुहाई देते थे और आज वही लोग किसी का मित्र कहे जाने पर मित्रता को ही नकार रहे हैं ।

कमेन्ट बंद हैं क्यूँ पता नहीं म्यूजिक जो बजाया सुनाया जा रहा हैं । बेचारे मित्र जो सम्मान देते नहीं थकते आज मित्र ही नहीं हैं हाँ नहीं तो ।
डिस्क्लेमर
आज कल नया धारावाहिक चल रहा हैं सोनी टी वी पर मोनिया ये हाँ नहीं तो वही से सीखा हैं जी कहीं क़ोई भ्रम ना हो इस लिये डिसक्लेम करदिये
अभिन्न
अ + भिन्न
भिन्न का अर्थ अलग यानी भिन्नता लिये हुए
अ यानी जुड़ा हुआ

February 07, 2012

ईश्वर से प्रार्थना हैं की वो युवराज सिंह को कैंसर से शीघ्र मुक्ति दे

ईश्वर से प्रार्थना हैं की वो युवराज सिंह को कैंसर से शीघ्र मुक्ति दे

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