जब इनको कुछ कहना था तब सब ताली बजा रहे थे

जब अमेरिका ओसामा को सहायता दिया करता था तो अमेरिका कभी नहीं सोचा था एक दिन ओसामा , अमेरिका मे ही ट्विन टावर गिरा देगा । राक्षस पैदा नही होते , बनाये जाते हैं और वो उन्हे ही खाते हैं जो उनको बनाते हैं ।

लिंक १ जब इनको कुछ कहना था तब सब ताली बजा रहे थे
लिंक २ जब इनको कुछ कहना चाहिए था तब भी सब मुस्कुरा रहे थे



अब वर्धा विश्विद्यालय के सर पर काठ की हांडी फूट रही हैं ।

ये सूचना एक ब्लॉग पर आज देखी

आमंत्रितों की सूची वर्धा विश्वविद्यालय वालों ने तय की। कुछ नामों पर जब एतराज किया गया तो उन्होंने कहा कि इनको रहने दिया जाये। एकाध नाम और जोड़े गये। जो नाम उन्होंने तय किये उनके पते और फोन नम्बर जो पता थे उनको भेज दिये गये। उनका करीब पचीस लोगों को बुलाने का कार्यक्रम था। बाद में भदौरिया जी ने तमाम लोगों को व्यक्तिगत फोन भी किये।

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ये सूचना दूसरे ब्लॉग पर २७ सितम्बर से उपलब्ध हैं

अब वर्धा विश्विद्यालय के सर पर काठ की हांडी फूट रही हैं । लगता हैं वर्धा विश्विद्यालय मे कोई ब्लोगिंग पर रिसर्च कर रहा होगा तभी तो किस ब्लॉगर को बुलाना हैं वो जानता होगा । पता नहीं सीधे से ये कहने मे क्या नुक्सान हैं की जिसको हम चाहते थे बुला लिया ।

यूँ 1२ रुपए मे सारी जानकारी मांगी जा सकती हैं