चाम में आकर्षण हैं
कह कर
अपनी मानसिकता की
खुद खोल दी हैं पोल
चमार को चाम
सबसे ज्यादा हैं भाता
कह कर
अपनी मानसिकता की
खुद खोल दी हैं पोल
चमार को चाम
सबसे ज्यादा हैं भाता
सच बोलना जितना मुश्किल है , सच को स्वीकारना उस से भी ज्यादा मुश्किल है . लेकिन सच ही शाश्वत है और रहेगा मुझे अपने सच पर उतना ही अभिमान है जितना किसी को अपने झूठ से होने वाले फायदे पर होता हैं