मेरे ब्लॉग के किसी भी लेख को कहीं भी इस्तमाल करने से पहले मुझ से पूछना जरुरी हैं

मेरे ब्लॉग के किसी भी लेख को कहीं भी इस्तमाल करने से पहले मुझ से पूछना जरुरी हैं

July 02, 2012

क्या आप जानते हैं

क्या आप जानते हैं हिंदी ब्लॉग जगत मे लोग अपने "सचिव " से ब्लॉग अपडेट करवाते हैं ?
विश्वास ना हो तो ये लिंक देखे जहां आप को लिखा दिखेगा

मेरे निजी सचीव भाई मुकेश गुप्ता जी कल रविवार होने से मेरे ब्लॉग को अपडेट कर रहे थे 

और क्या आप जानते हैं की हिंदी ब्लॉग जगत में  लोग बिना पढ़े ही टिपण्णी देते हैं

विश्वास नहीं होता तो ये लिंक देखे जहां आप को लिखा दिखेगा
आज व्यस्तता के कारण, ध्यान से पढ़ भी नहीं सका कि अनूप भाई ने लिखा क्या है !

क्या आप जानते हैं हिंदी ब्लॉग जगत में लोग हरजाई जैसे शब्द कहीं भी प्रयोग कर देते हैं पोस्ट किसी भी विषय पर हो लेकिन एक ही बात पेस्ट करते हैं बिना विषय की गंभीरता को देखे
लिंक देखिये 

क्या आप जानते ही हिंदी ब्लॉग जगत में द्विअर्थी संवादों वाली पोस्ट को भी आगे बढ़ाया जाता हैं और आपत्ति करो तो कहा जाता हैं हम बिना पढ़े ही लिंक लगा कर बुलेटिन पर सहेजते हैं

लिंक देखिये
और देखिये उसी द्विअर्थी पोस्ट पर ये लिखा हैं इस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - 
इतनी घटिया पोस्ट पर आभार प्रकट करना , उफ़



क्या आप जानते हैं  हिंदी ब्लॉग जगत में लोग मेरे इस ब्लॉग को अपने आमंत्रित पाठको के लिये सिमित कर देने से कितनी पोस्ट और कमेन्ट आ चुके हैं

देखिये लिंक 1 खुशदीप के ब्लॉग का
 ब्लॉग को आमंत्रित  सदस्यों के लिए  रिज़र्व  रखने का भी ट्रेंड  शुरू हो गया है...
देखिये लिंक 2 संतोष त्रिवेदी के ब्लॉग का
 ,आपने सही समझा ! अब मैं कोई ऐसा वैसा ब्लॉगर या लेखक नहीं रहा. मैं इत्ता पढ़ा जाता हूँ कि मेरा दमघुटने लगा है.मेरी कोई भी रचना अब मेरे निजी पेटेंट के दायरे में है और मैंने यहसोच रखा है कि मेरे लिखे हुए को केवल मेरे चम्पू ही पढ़ें और मेरी वाह-वाह करें.
देखिये लिंक 3 अनुराग शर्मा के ब्लॉग का
पोस्ट तो केवल आमंत्रित पाठकों के लिये थी, लिंक तो आपको चिढाने के लिये भेजे जा रहे थे। 

सतीश पंचम को कमेन्ट हैं  खुद का तो ढक कर रखते हैं लेकिन दूसरों का झुक कर देखते हैं

अब बताइये मुझ से ज्यादा हिंदी ब्लॉग जगत में कौन पोपुलर हैं जिसके ब्लॉग आमंत्रित पाठको के लिये कर देने मात्र से लोग पोस्ट लिख देते हैं ???
वैसे आज आप को बोर करने के लिये इतना ही काफी हैं .
मिलते हैं ब्रेक के बाद
कहीं सावन आ गया हो तो बताये मै वहां कुछ दिन रहने  जाऊं दिल्ली तो ओवेन की तरह ताप रही हैं काश माईक्रो वेव की तरह तपती और ठंडी होती 


3 comments:

  1. oh! क्या-क्या पढ़वा देती हैं आप?

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  2. mumbai aaiye waha se to achcha hai mousam yaha

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