ब्लागस्पाट.कॉम अब ब्लागस्पाट.इन नज़र आ रहा हैं । क्या फायदा हैं और क्या नुक्सान तकनीक के जानकार कुछ इस पर राय दे । काफी दिन से गूगल डोमेन .इन पर फ्री वेबसाइट देने की बात कह रहा था , रजिस्टर करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ । लोग इन नहीं होता । आज अपने ब्लॉग का .कॉम जब .इन दिखा तो सोचा लगता हैं फ्री का ज़माना ख़तम हो रहा हैं ।
सरकार गूगल की फ्रीडम ख़तम करने की बात कर रही हैं तो गूगल जी कॉम से इन कर दिये ब्लागस्पाट को ।
सच बोलना जितना मुश्किल है , सच को स्वीकारना उस से भी ज्यादा मुश्किल है . लेकिन सच ही शाश्वत है और रहेगा मुझे अपने सच पर उतना ही अभिमान है जितना किसी को अपने झूठ से होने वाले फायदे पर होता हैं
मेरे ब्लॉग के किसी भी लेख को कहीं भी इस्तमाल करने से पहले मुझ से पूछना जरुरी हैं
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February 01, 2012
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12 comments:
शायद गूगल अब भारतीय ब्लोग्स को डोट इन से सेग्रीगेट करना चाहता है. वैसे भी उसने कहा है की उसका वैश्विक संचालन तथा भारतीय संचालन अलग-अलग हैं, और शायद उसने यह वही दर्शाने के लिए किया है.
इस हेतु कृपया यह लिंक भी देखें
सोशल साईटस को तंग करने का नतीजा है, जल्दी ही वे इसे paid सेवा बना दें तो आश्चर्य न करें, क्योंकि उनका तर्क है कि स्वच्छंद ही उनकी रोजी रोटी है अगर उस पर लगाम लग जायेगी तो वे कमाएंगे क्या?
देखते हैं आगे आगे क्या होता है....
गूगल ने ब्लागस्पाट का टोप लेवल डोमेन हर देश के लिये अलग कर दिया है। इसमे नया कुछ नही है। मै आस्ट्रेलीया मे हूं, मुझे blogspot.com.au दिखायी दे रहा है। गूगल का सर्च इंजीन पहले से हर देश के लिये अलग है। google.co.in, google.com, google.co.in, google.it etc....
यह सब लोड बैलेन्सींग, मिररींग, प्राक्सी सर्वर जैसे तकनीकी कामो के लिये किया जाता है। नया कुछ नही है। इसका किसी सरकारी फरमान, सेंसर से कोई लेना देना नही है।
आपको बधाई!
मगर हमारा तो ब्लॉगस्पाट डॉटकॉम ही है।
अभी तो मेरा ब्लॉग भी ब्लागस्पाट.कॉम ही दिख रहा है ...पर अच्छी जानकारी मिली ...
आपकी पोस्ट आज के चर्चा मंच पर प्रस्तुत की गई है
कृपया पधारें
http://charchamanch.blogspot.in/2012/02/777.html
चर्चा मंच-777-:चर्चाकार-दिलबाग विर्क
आशीष जी की बातें सही लग रही हैं।
अच्छा !! आपने कहा तो ध्यान दिया ..
आभार
kalamdaan.blogspot.in
अरिस्स ! हमने तो अभी देखा हमें भी इन दिखाई दे रहा है । चलिए देखते हैं ये बदलाव क्या नया रंग दिखाता है
आशीष जी का कहना ठीक लगता है..आगे देखते हैं क्या होता है...
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