सच बोलना जितना मुश्किल है , सच को स्वीकारना उस से भी ज्यादा मुश्किल है . लेकिन सच ही शाश्वत है और रहेगा मुझे अपने सच पर उतना ही अभिमान है जितना किसी को अपने झूठ से होने वाले फायदे पर होता हैं
मेरे ब्लॉग के किसी भी लेख को कहीं भी इस्तमाल करने से पहले मुझ से पूछना जरुरी हैं
मेरे ब्लॉग के किसी भी लेख को कहीं भी इस्तमाल करने से पहले मुझ से पूछना जरुरी हैं
June 11, 2012
June 10, 2012
कभी कभी लगता हैं समाज कितना विभाजित हैं और हम कितने खुद जिम्मेदार हैं इस विभाजन के लिये .
हिंदी ब्लॉग जगत में दो खेमे बनते साफ़ दिख रहे हैं
खेमा नंबर 1 वो लोग जो ब्लॉग पर हिन्दी / शुद्ध हिंदी / किलिष्ट हिंदी लिखते हैं
खेमा नंबर 2 वो लोग जो हिंदी में ब्लॉग लिखते हैं .
खेमा नंबर 1 वो लोग जो ब्लॉग पर हिन्दी / शुद्ध हिंदी / किलिष्ट हिंदी लिखते हैं
खेमा नंबर 2 वो लोग जो हिंदी में ब्लॉग लिखते हैं .
June 08, 2012
हर बात को सबके सामने रखना और प्रकाश में लाना भी सकारात्मकता ही
हर बात को सबके सामने रखना और प्रकाश में लाना भी सकारात्मकता ही है
दिव्या ने कितनी बड़ी बात कितने साधारण और स्पष्ट शब्दों में कह दी हैं .
June 01, 2012
जब दूसरे करते थे तो गलत था आप करते हैं तो सही हैं
जब मैने हिंदी ब्लॉग लिखना शुरू किया था { ६ साल पहले } तब गूगल पर
ट्रांस्लिशन की सुविधा नहीं थी और मैने अपनी कविता का ब्लॉग रोमन में लिखा
था . फिर "नारद" जो उस समय जीतेन्द्र चौधरी , संजय बेगानी इत्यादि चलाते थे
वहाँ से कमेन्ट आया एक कविता पर उन से जुड़े और ब्लॉग को हिंदी में लिखे
इत्यादि .
उस समय चिटठा चर्चा मंच था
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